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नाबार्ड द्वारा डेयरी उद्यमिता विकास योजना पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन

हरियाणा प्रभात टाइम्स / सुशील सिंह 

पलवल : नाबार्ड द्वारा पलवल के चौपाल रेस्टोरेन्ट में जिले के बैंक अधिकारियों के लिए डेयरी उद्यमिता विकास योजना पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले में कार्यरत विभिन्न बैंकों के 30 शाखा प्रबन्धकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक (जिला विकास) सुबोध कुमार के अलावा  अग्रणी जिला प्रबन्धक बी. बी. बंसल, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक, पलवल के क्षेत्रीय प्रबन्धक अनिल कुमार और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), रतीपुर, पलवल के निदेशक अजय अग्रवाल ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

 

इस अवसर पर नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक (जिला विकास) सुबोध कुमार ने कृषकों की आय को दुगुना करने में डेयरी क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करते हुये बैंकरों से आग्रह किया कि वे भारत सरकार की डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा ऋण प्रदान करें। कार्यशाला में नाबार्ड द्वारा डेयरी उद्यमिता विकास योजना के सभी प्रक्रियागत पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी मिनी डेयरी इकाइयों, दुग्ध प्रसंस्करण उपकरणों, मिल्किंग मशीनों, डेयरी पार्लर, दुग्ध प्रशीतन, डेयरी उत्पाद परिवहन, आदि गतिविधियों के लिए वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों से ऋण लेने पर सब्सिडी के लिए पात्र होते हैं। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के लिए 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 33.33 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। सुबोध कुमार ने कहा कि बैंकों को ग्रामीण क्षेत्र में पूंजी निर्माण और परिसंपत्ति सृजन के उद्देश्य से कृषि की सहायक गतिविधियों जैसे डेयरी, मधुमक्खी पालन, फल-फूल उत्पादन, मशरूम उत्पादन, आदि के लिए पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराना चाहिए ताकि गांवों में आय और रोजगार के स्थायी स्रोत सुलभ हो सकें।

कार्यक्रम में अग्रणी जिला प्रबन्धक बी. बी. बंसल ने बैंक अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे ग्रामीणों को त्वरित और सुगम तरीके से बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करें। सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक अनिल कुमार ने प्रतिभागियों को अपने बैंक की तरफ से डेयरी ऋण और कृषि निवेश ऋण के प्रसार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। आरसेटी, रतीपुर के निदेशक अजय अग्रवाल ने बैंकरों से अनुरोध किया कि वे उनके संस्थान द्वारा डेयरी समेत विभिन्न आय-अर्जक गतिविधियो में प्रशिक्षित किए गए युवाओं और उद्यमियों को ऋण प्रदान कर ग्राम विकास का मार्ग प्रशस्त करें।

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